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Showing posts from November, 2019

गलती

तूझे किसी गलती की सजा न दी तो गलत नही। मुझसे अनजाने में भुल हो गई तो गलत हो गई । तूझे तेरी हर कमी के साथ स्वीकारा तो गलत नही । पर अपनी कमजोरी गर तुझको बताई तो गलत हो गई। तुने अयशीयो में सब कुछ लुटाया तो गलत नही। मैनें शौन्क से कुछ बनाया तो गलत हो गई । तेरा रातों को ना आना बहाने बनाना कुछ गलत नही। मुझे आते वक़्त जो शाम ढल गई तो गलत हो गई। कहाँ जाना है कहाँ से आये मुझे कुछ न बताना बिलकुल गलत नही। बिन बताये गर मन्दिर भी गई तो गलत हो गई। कभी पुछा नही मेरे मा-बाबा का सुख दुख कुछ गलत नही। मैने आज तुम्हारे पापा से चाय नही पूछी तो गलत हो गई। तुम अच्छे साथी हो या नही कोई फरक नही कुछ गलत भी नही। हाँ बहू जो किसी एक को भी ना भाई तो गलत हो गई। तुम्हारा गुसे में मुझको कुछ भी कह जाना क्यूँ गलत नही। उठ गया है मन तुमसे इतना बताया। तो गलत हो गई ।

चाल वक़्त की

रुकता नही कही पे मुड़ता नही ये पीछे क्यूँ नहीं सवरती ये चाल वक़्त की              # देखूँ जो कभी मुड़ के पछतावे के सिवा मुझको कोई राह नही दिखती             # रह जाती हूँ पीछे-पीछे क्या करु वक़्त से मेरी चाल नही मिलती